घाघरा: शिक्षक दिवस के अवसर पर लॉर्ड बुद्धा के पूर्व निदेशक अनिरुद्ध चौबे एवं उनकी धर्मपत्नी पूनम चौबे को उनके घाघरा स्थित आवास पर जाकर पूर्ववर्ती विद्यार्थियों ने सम्मानित किया। पूर्व विद्यार्थियों सुभाष महतो और अंकित राणा ने उन्हें उपहार भेंट कर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अनिरुद्ध चौबे ने कहा कि गुरु-शिष्य की परंपरा सदियों से भारत की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। शिक्षक अपना बहुमूल्य समय और ऊर्जा विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में लगाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक बिना किसी स्वार्थ के विद्यार्थियों के हित के बारे में सोचते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की दिशा दिखाते हैं।

उन्होंने अपने शिक्षण जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लॉर्ड बुद्धा में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया। आज उन्हें गर्व होता है कि उनके पढ़ाए हुए करीब 65 विद्यार्थी नौकरी और पेशेवर जीवन से जुड़ चुके हैं। शिक्षण संस्थान से जुड़े दिनों की अनगिनत यादें आज भी उनके मन में हैं और शिक्षक बनने पर उन्हें गर्व महसूस होता है।

अनिरुद्ध चौबे ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी गुरुओं को नमन करते हुए कहा कि वे उन सभी शिक्षकों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं, जो आज इस दुनिया में मौजूद हैं और जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।

वर्तमान में अनिरुद्ध चौबे सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे समय-समय पर युवाओं और बच्चों को प्रोत्साहित करते रहते हैं तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा देने का कार्य करते हैं।

पूर्व विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक दिवस पर किए गए इस सम्मान से अनिरुद्ध चौबे भावुक नजर आए। विद्यार्थियों ने कहा कि उनके जीवन में शिक्षकों का योगदान हमेशा प्रेरणादायी रहेगा और गुरु का आशीर्वाद जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।