रांची:  झारखंड में JPSC की ACF और FRO परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को इस मामले को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड में जो हुआ, उसे महज पेपर लीक कहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह ‘पेपर लूट’ का मामला है।

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि परीक्षा के स्ट्रांग रूम से प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। उन्होंने परीक्षा केंद्रों और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस पर छात्र हितों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

‘स्ट्रांग रूम तोड़कर निकाले गए प्रश्नपत्र’

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ACF और FRO परीक्षा के स्ट्रांग रूम में सेंध लगाकर प्रश्नपत्र निकाले गए और उनमें बदलाव किए गए। उनके मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम को केवल पेपर लीक कहना मामले की गंभीरता को कम करके आंकना होगा।

उन्होंने कहा कि झारखंड में कथित तौर पर परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। भाजपा सांसद ने सवाल उठाया कि जब परीक्षा सामग्री स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रहती है, तो वहां से उसे बाहर निकालने की स्थिति कैसे बनी।

राहुल गांधी से मांगा जवाब

भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार में कांग्रेस के मंत्री शामिल हैं, ऐसे में परीक्षा से जुड़े इस कथित घोटाले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को जवाब देना चाहिए।

त्रिवेदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि दिल्ली में परीक्षा और छात्रों के मुद्दे पर मुखर रहने वाले नेता झारखंड में सामने आए इस मामले पर चुप हैं। उन्होंने विपक्ष की इस कथित चुप्पी को ‘राहुल गांधी के तीन बंदर’ वाली राजनीति करार दिया।

CID जांच में क्या-क्या सामने आने का दावा?

इस मामले की जांच कर रही CID के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, परीक्षा के बाद स्ट्रांग रूम से उत्तर पुस्तिकाएं बाहर निकालने और उनमें कथित तौर पर बदलाव करने की बात सामने आई है।

जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में विशेषज्ञों से उत्तर लिखवाए गए या PDF एडिटर के जरिए बदलाव किए गए। जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 100 अभ्यर्थियों से लगभग 5 करोड़ रुपये वसूले जाने की बात भी सामने आई है। आरोपियों के कथित बयानों के आधार पर कुछ कॉपियों को स्ट्रांग रूम से बाहर निकालकर दोबारा वहां रखने की बात भी जांच का हिस्सा है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर पहले से आंदोलन

झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर पिछले कई महीनों से छात्र आंदोलन करते रहे हैं। छात्रों की ओर से परीक्षा में कथित पेपर लीक, गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इन विवादों के बीच कुछ परीक्षाओं को रद्द भी किया गया है और विभिन्न मामलों की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

भाजपा ने बनाया बड़ा राजनीतिक मुद्दा

सुधांशु त्रिवेदी का ताजा बयान ऐसे समय आया है, जब JPSC की ACF और FRO परीक्षा से जुड़े CID जांच के कथित खुलासे चर्चा में हैं। भाजपा अब इसे राज्य की परीक्षा व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से पूरे मामले में जांच का हवाला दिया जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में सामने आए आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई होती है और परीक्षा में कथित अनियमितताओं की पूरी तस्वीर कब सामने आती है।