JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच जयराम महतो का बड़ा बयान, बोले- ‘JSSC-CGL रद्द होनी चाहिए, यह सरकार की विफलता’
रांची: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने सरकार पर निशाना साधते हुए JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग का समर्थन किया है। रांची में छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयराम महतो ने कहा कि JSSC-CGL को लेकर सामने आए आरोपों और विवादों के मद्देनजर सरकार को छात्रों की इस प्रमुख मांग को स्वीकार करना चाहिए था। जयराम कुमार महतो ने कहा कि सरकार ने छात्रों की कई मांगों को मानने की दिशा में कदम उठाए हैं, जिसके लिए उन्होंने सरकार को धन्यवाद भी दिया। हालांकि, उनके मुताबिक आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण मांगों में से एक JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में सबसे अधिक अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ऐसे में परीक्षा को रद्द कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से दोबारा शुरू करना जरूरी है। JLKM विधायक ने अपने बयान में अभय तिवारी के कथित स्वीकारोक्ति संबंधी दावे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि करीब 400 अभ्यर्थियों के चयन से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता और कथित बयान की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जांच और निष्कर्षों से ही हो सकेगी। JPSC-JSSC मामले को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना, 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर कार्रवाई, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार शामिल हैं। छात्र आंदोलन के बीच सरकार और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच बातचीत भी हुई है। सरकार की ओर से कई मांगों पर सकारात्मक रुख का संकेत दिया गया है, लेकिन परीक्षा रद्द करने और जांच की मांग को लेकर छात्रों में असंतोष अब भी बना हुआ है। जयराम महतो के समर्थन से आंदोलन को राजनीतिक समर्थन का एक और स्वर मिला है। अब सरकार के सामने चुनौती है कि वह छात्रों की प्रमुख मांगों पर किस तरह आगे बढ़ती है और लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का समाधान कैसे निकालती है। फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है और JSSC-CGL परीक्षा को लेकर सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।‘JSSC-CGL रद्द करना जरूरी’
अभय तिवारी के कथित बयान का किया जिक्र
विधानसभा मार्च में हजारों छात्र
सरकार पर बढ़ रहा दबाव















