जामताड़ा किशोर न्याय बोर्ड बाल अधिकार विधिक जागरूकता कार्यक्रम
जामताड़ा झारखंड राज्य विधिक
सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), जामताड़ा के प्रधान
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष के मार्गदर्शन में शनिवार को किशोर न्याय
बोर्ड, जामताड़ा में
बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों पर विधिक
जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डीएलएसए के सचिव पवन कुमार
के नेतृत्व में किया गया।कार्यक्रम का
उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों,
संरक्षण और कल्याण से जुड़े प्रावधानों
के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे
को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना समाज, परिवार और प्रशासन की
सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि किसी बच्चे के साथ शोषण,
हिंसा,
भेदभाव या अन्य प्रकार का अन्याय होता
है तो उसे कानून के तहत संरक्षण और सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।कार्यक्रम
में किशोर न्याय अधिनियम,
बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कानूनों
तथा बच्चों के हित में संचालित सरकारी योजनाओं और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी
गई। वक्ताओं ने कहा कि कानून से संघर्षरत बच्चों के प्रति दंडात्मक नहीं, बल्कि सुधारात्मक और
संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है,
ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से
जोड़कर बेहतर भविष्य दिया जा सके।इस दौरान
बाल विवाह, बाल
श्रम, बाल तस्करी,
बाल यौन शोषण और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों एवं अपराधों से बच्चों की सुरक्षा पर भी
विस्तार से चर्चा की गई। लोगों से अपील की गई कि यदि किसी बच्चे के अधिकारों का
उल्लंघन हो रहा हो या वह किसी संकट में हो,
तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या सक्षम
प्राधिकारी को दें, ताकि समय पर कानूनी सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।कार्यक्रम
के अंत में बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार,
उनके अधिकारों के सम्मान तथा शिक्षा और
सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मचारियों और
प्रतिभागियों ने बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और
सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।















