जामताड़ा: खेती की लागत कम करने और फसलों को कीटों व बीमारियों से बचाने के लिए किसानों को जैविक उपाय अपनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में नारायणपुर प्रखंड के अर्जुनडीह गांव में शनिवार को फसल सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 65 किसानों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जैविक कीटनाशक और फफूंदनाशक तैयार करने, उनके सही इस्तेमाल तथा रासायनिक दवाओं के अनावश्यक छिड़काव से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई।

रासायनिक दवाओं पर निर्भरता घटाने की सलाह

प्रशिक्षण बीटीएम सीमावती सिंह ने दिया। उन्होंने किसानों को बताया कि फसलों को कीटों और रोगों से बचाने के लिए हर बार रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। सही जानकारी और उचित तकनीक के जरिए जैविक कीटनाशकों एवं फफूंदनाशकों का उपयोग भी किया जा सकता है।

उन्होंने समझाया कि रासायनिक दवाओं का अंधाधुंध छिड़काव खेती की लागत बढ़ाने के साथ पर्यावरण और खेतों के प्राकृतिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए किसानों को फसल की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के बाद ही कीट और रोग नियंत्रण के उपाय अपनाने चाहिए।

मित्र कीटों की पहचान करना भी जरूरी

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मित्र और शत्रु कीटों के बीच अंतर समझाया गया। बताया गया कि खेतों में मौजूद कई मित्र कीट फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों की संख्या नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

ऐसे में बिना जरूरत कीटनाशकों का छिड़काव करने से मित्र कीट भी प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई कि वे फसल में कीटों के प्रकोप की स्थिति पर नजर रखें और आवश्यकता के अनुसार ही नियंत्रण के उपाय अपनाएं।

समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन पर जोर

बीटीएम सीमावती सिंह ने किसानों को समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने जैविक उपायों को बढ़ावा देने, रासायनिक दवाओं का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने और खेतों में मित्र कीटों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को फसल सुरक्षा के बेहतर तरीकों से अवगत कराना, उत्पादन लागत कम करने में मदद करना और खेती को अधिक टिकाऊ बनाना था। कार्यक्रम में किसानों को यह संदेश दिया गया कि जैविक उपायों, प्राकृतिक रूप से कीट नियंत्रण और वैज्ञानिक प्रबंधन को अपनाकर खेती को अधिक किफायती तथा पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।

अन्य संभावित क्लिकेबल हेडलाइन

  1. जामताड़ा के 65 किसानों को सिखाए गए फसल बचाने के जैविक तरीके, रासायनिक छिड़काव पर चेतावनी

  2. खेती का खर्च घटाने की पहल: अर्जुनडीह में किसानों को जैविक कीटनाशक बनाने का प्रशिक्षण

  3. हर कीट दुश्मन नहीं! किसानों को मित्र कीटों की पहचान और फसल सुरक्षा के तरीके बताए

  4. रासायनिक दवाओं का अंधाधुंध इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, जामताड़ा में किसानों को किया गया जागरूक

  5. कम लागत और टिकाऊ खेती पर जोर, अर्जुनडीह में 65 किसानों ने लिया फसल सुरक्षा प्रशिक्षण