हजारीबाग: अवैध कोयले की ढुलाई पर रोक लगाने के लिए निगरानी कर रही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टीम ने कोयला लदे एक टेलर ट्रक को जब्त किया है। जांच के दौरान चालक कोयले के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। यह कार्रवाई 27 अक्टूबर की रात हुई। टीम ने पीछा करने के बाद मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के डेमोटांड़ स्थित गणपति धर्मकांटा के पास ट्रक को रोका।

निगरानी के दौरान दिखा संदिग्ध ट्रक

जानकारी के अनुसार, CISF की NTPC-CMP इकाई ने अवैध कोयला खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए चरही थाना क्षेत्र के 14 माइल और हथियारी मोड़ के आसपास निगरानी की व्यवस्था की थी।

27 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे निगरानी के दौरान टीम को कोयले से लदा एक टेलर ट्रक दिखाई दिया। इसके बाद CISF की टीम ने तत्काल क्विक रिएक्शन टीम (QRT) को इसकी सूचना दी।

छह से सात किलोमीटर पीछा कर रोका गया ट्रक

सूचना मिलने के बाद QRT ने संदिग्ध ट्रक का पीछा शुरू किया। करीब छह से सात किलोमीटर तक पीछा करने के बाद वाहन को डेमोटांड़ स्थित गणपति धर्मकांटा के पास रोक लिया गया।

इसके बाद चालक से कोयले के परिवहन से संबंधित वैध कागजात मांगे गए। बताया गया कि चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद CISF की टीम ने ट्रक को जब्त करने की कार्रवाई की।

अवैध खनन की सूचना पर बढ़ाई गई थी निगरानी

सूत्रों के अनुसार, जोराकांठ क्षेत्र में अवैध कोयला खनन की आशंका जताई गई थी। इसके अलावा कोयले को चरही थाना क्षेत्र के दासोखाप, लोथरवा और 15 माइल के आसपास स्थित प्लांटों में जमा किए जाने की सूचना भी मिली थी।

बताया जा रहा है कि कोयले की ढुलाई के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन सूचनाओं के बाद CISF ने संबंधित इलाकों में निगरानी बढ़ाई थी, जिसके दौरान कोयला लदा ट्रक पकड़ा गया।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल, जब्त ट्रक और उसमें लदे कोयले के संबंध में आगे की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। साथ ही, कोयले के स्रोत और परिवहन से जुड़े अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि भी बाकी है।

CISF की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और परिवहन पर निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब मामले में आगे की जांच और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।