हजारीबाग झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपने साप्ताहिक आंदोलन के दूसरे दिन शनिवार को संत कोलंबस महाविद्यालय परिसर में एकदिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान परिषद के कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की सीबीआई जांच, परीक्षा का पुनः आयोजन तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।धरना को संबोधित करते हुए एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यक्रम सदस्य बाबूलाल मेहता ने कहा कि संगठन का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी।विभाग संयोजक प्रभात कुमार ने कहा कि छात्र वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और सरकार की नीतियों से असंतुष्ट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लस्टर सिस्टम के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है और अब JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी हर स्तर पर छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।जिला संयोजक साहिल कुमार ने कहा कि संगठन की प्रमुख मांगें हैं कि पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित रूप से दोषी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो तथा शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। उन्होंने यह भी मांग की कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) का पुनः आयोजन कराया जाए ताकि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती, तब तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और परिषद कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।