गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में पंचायत राज विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति को लेकर विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायत योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पेसा नियमावली-2025, 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग, डिजिटल पंचायत और ग्राम सभाओं को प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सिसई, भरनो, बिशुनपुर और कामडारा प्रखंडों के सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखंड समन्वयक, बीपीएम (स्वशासन परिषद्/बीपीआरसी/बीपीएमयू) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने बताया कि शेष प्रखंडों की समीक्षा बैठकें 3 एवं 4 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएंगी।

समीक्षा के दौरान 15वें वित्त आयोग की राशि के व्यय, पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण, जन्म-मृत्यु निबंधन, पेसा नियमावली-2025, डिजिटल पंचायत, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, पंचायत सहायता केंद्र, भारतनेट इंटरनेट सुविधा तथा पंचायत ज्ञान केंद्र की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने सभी पंचायत सचिवों और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायतों में संचालित सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए।

बैठक में पेसा नियमावली-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पेसा क्षेत्र के प्रत्येक राजस्व ग्राम में विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाए। ग्राम सभा में सहायक सचिव का चयन, ग्राम सभा कार्यालय के लिए भवन का चयन तथा ग्राम सभा के नाम से बैंक या डाकघर में खाता खोलने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले में बहुत कम ग्राम सभाओं के बैंक खाते संचालित हैं, इसलिए इस कार्य में तेजी लाना आवश्यक है।

उपायुक्त ने पंचायत सचिवालयों को जनसेवा का प्रभावी केंद्र बनाने पर बल देते हुए भवनों की नियमित साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, इंटरनेट, बिजली, वैकल्पिक ऊर्जा, स्टेशनरी एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भारतनेट इंटरनेट सुविधा का अधिकतम उपयोग करते हुए डिजिटल पंचायत की अवधारणा को मजबूत बनाने और पंचायत सहायता केंद्र एवं पंचायत ज्ञान केंद्र को आम नागरिकों के लिए अधिक उपयोगी बनाने पर भी जोर दिया।

इसके अलावा जन्म एवं मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत प्रशिक्षण एवं ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सभी संबंधित प्रखंडों के मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखंड समन्वयक, बीपीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।