गुमला:उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, सचिवों एवं शिक्षकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देशों, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 तथा राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति-2020 के अनुपालन की समीक्षा की गई।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों का समग्र विकास और उनके अधिकारों की रक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति-2020 एवं एनसीईआरटी के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी छात्र के स्कूल बैग का वजन उसके शरीर के कुल वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। सभी विद्यालयों को इस संबंध में प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने बताया कि विद्यार्थियों के भारी स्कूल बैग के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। इसलिए सभी स्कूल नियमित रूप से बैग के वजन की निगरानी करें और उसका रिकॉर्ड भी संधारित करें।

बैठक में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की धारा-29 के तहत पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी निजी विद्यालयों को तीन दिनों के भीतर अधिनियम के अनुपालन से संबंधित प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधीक्षक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक केवल NCERT और SCERT की पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। निजी प्रकाशकों की अनावश्यक किताबें अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती हैं। यदि किसी विद्यालय द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा-18 का उल्लंघन पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सभी विद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्री-प्राइमरी से कक्षा-8 तक नामांकित विद्यार्थियों की संख्या, खरीदी गई पाठ्यपुस्तकों का विवरण तथा नई शिक्षा नीति-2020 के अनुपालन की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति-2020 का पालन प्रत्येक निजी विद्यालय की वैधानिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों के अधिकारों और हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां सहित जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य, सचिव एवं शिक्षक उपस्थित रहे।