गढ़वा: भवनाथपुर प्रखंड की सिंदूरिया पंचायत निवासी 58 वर्षीय राजेंद्र लाल पिछले तीन वर्षों से दुर्घटना में एक पैर गंवाने के बाद बैसाखियों के सहारे जीवन बिताने को मजबूर हैं। आर्थिक तंगी और शारीरिक परेशानी के बीच उन्होंने सरकार, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से कृत्रिम (आर्टिफिशियल) पैर उपलब्ध कराने की अपील की है।
राजेंद्र लाल ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले एक दुर्घटना में उनका एक पैर काटना पड़ा। इसके बाद से वे कृत्रिम पैर लगवाने के लिए विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिल सकी है।
उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। उनकी दो बेटियां अभी अविवाहित हैं। उनका कहना है कि यदि उन्हें कृत्रिम पैर मिल जाए तो वे दोबारा काम कर अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभा सकेंगे।
राजेंद्र लाल ने सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संस्थाओं से मानवीय आधार पर मदद की अपील करते हुए कहा कि कृत्रिम पैर मिलने से वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं और आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार सहायता की उम्मीद लगाए हुए हैं, लेकिन अब तक उनकी गुहार पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।















