चैनपुर: प्रशासन के दावों के बीच चैनपुर प्रखंड स्थित प्रेमनगर प्रोजेक्ट स्कूल के समीप संचालित छात्रावास की बदहाल स्थिति सामने आई है। दूर-दराज के डोकापाठ, कचापाठ और अन्य दुर्गम क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए आने वाले गरीब एवं आदिवासी छात्र जर्जर भवन, पानी की किल्लत और सुरक्षा के अभाव में रहने को मजबूर हैं। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं।
जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर रह रहे छात्र
छात्रावास की इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कमरों की छत और दीवारों का प्लास्टर झड़ रहा है, कई जगहों पर सरिया बाहर निकल आया है और फर्श भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। बारिश के दौरान छत से लगातार पानी टपकता है, जिससे छात्रों को काफी परेशानी होती है। इसके बावजूद करीब 15 से 16 छात्र इसी भवन में रहने को मजबूर हैं।
पानी के लिए दूसरे के कुएं पर निर्भर छात्र
छात्रों का कहना है कि छात्रावास में पीने के पानी और दैनिक उपयोग के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हें आसपास के लोगों के कुओं से पानी ढोकर लाना पड़ता है। कई बार पानी लेने पर उन्हें लोगों की नाराजगी और ताने भी सुनने पड़ते हैं।
वहीं शौचालय और बाथरूम की हालत भी बेहद खराब है। अधिकांश शौचालय उपयोग के लायक नहीं बचे हैं, जबकि बिजली व्यवस्था भी लगभग ठप है। रात में छात्रों को ढिबरी या अन्य अस्थायी साधनों के सहारे पढ़ाई करनी पड़ती है।
चोर उखाड़ ले गए मुख्य दरवाजा और तड़ित चालक
छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह नदारद है। परिसर में न तो बाउंड्री वॉल है और न ही मुख्य गेट। हाल ही में अज्ञात चोर छात्रावास का मुख्य दरवाजा उखाड़कर ले गए। इसके अलावा भवन में लगा तड़ित चालक (Lightning Arrestor) भी चोरी हो गया।
छात्रों का कहना है कि दरवाजा नहीं होने के कारण रात में असामाजिक तत्वों का डर बना रहता है और वे असुरक्षित महसूस करते हैं।
छात्रों ने सरकार और प्रशासन से लगाई गुहार
छात्र प्रेम असुर (ग्राम डोकापाठ) और जयराम कंवर (ग्राम कचापाठ) ने बताया कि वे केवल पढ़ाई के उद्देश्य से यहां रहते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा के अभाव में उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है।
छात्रों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि छात्रावास भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए, नए दरवाजे लगाए जाएं, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए तथा पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
क्या बोले प्रखंड कल्याण पदाधिकारी?
इस मामले में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी पूर्ण शंकर भगत ने कहा कि छात्रावास की स्थिति की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।















