तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में वर्ष 2019 में हुए एक चर्चित हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। स्थानीय अदालत ने सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी की हत्या के मामले में उसके बेटे और बेटी को मृत्युदंड जबकि पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार  70 वर्षीय सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी की हत्या परिवार के सदस्यों ने पेंशन और संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश के तहत की थी। आरोप है कि परिवार ने पहले भोजन में जहर मिलाकर उन्हें दिया और बाद में उनकी मौत होने पर शव के कई टुकड़े कर दिए।

शव के टुकड़े बाल्टियों में छिपाए गए

जांच में सामने आया कि आरोपी शव को ठिकाने लगाने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने मृतक के शरीर के टुकड़े कर उन्हें घर के भीतर बाल्टियों में भरकर छिपा दिया। कुछ दिनों बाद घर से दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

18 अगस्त 2019 को पुलिस ने घर से मानव अवशेष बरामद किए थे। मामले की जांच के बाद 21 अगस्त 2019 को मृतक की पत्नी  बेटे और बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया था।

कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला

मल्काजगिरि स्थित जिला अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने मृतक के 47 वर्षीय बेटे और 36 वर्षीय बेटी को फांसी की सजा सुनाई  जबकि 65 वर्षीय पत्नी को उम्रकैद की सजा दी।

पेंशन और संपत्ति बना हत्या का कारण

अभियोजन के अनुसार  मृतक रेलवे में मालगाड़ी चालक के रूप में कार्यरत थे और वर्ष 2000 में स्वास्थ्य कारणों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके थे। आरोपियों ने उनकी पेंशन और मकान पर कब्जा करने के उद्देश्य से हत्या की योजना बनाई थी।

समाज को झकझोर देने वाला मामला

यह मामला लालच और पारिवारिक विश्वासघात की एक भयावह मिसाल बनकर सामने आया है। अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है  जिसने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि संपत्ति और पैसों के लालच में रिश्तों की हत्या किस हद तक जा सकती है।