पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते सदन में भारी हंगामा हुआ। हालात इतने बिगड़ गए कि कार्यवाही शुरू होने के महज 8 मिनट बाद ही विधानसभा की बैठक स्थगित करनी पड़ी।

विपक्षी विधायकों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सत्तापक्ष ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई को उचित बताया। हंगामे के दौरान सत्ता और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति संभालने के लिए विधानसभा के मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

बीजेपी विधायक का दावा- 'वे छात्र नहीं, गुंडे थे'

हंगामे के बीच भाजपा के एक विधायक ने सदन में कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोग छात्र नहीं बल्कि "गुंडे" थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी गाड़ी पर हमला किया गया और उन्हें अपनी जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा।

विधायक ने कहा, "वे छात्र नहीं, गुंडे थे। कल मेरी हत्या हो सकती थी। मेरी गाड़ी पर हमला किया गया और मुझे जान बचाकर भागना पड़ा।"

क्या है पूरा मामला?

22 जुलाई को पटना में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी राजभवन मार्च निकाल रहे थे, लेकिन गांधी मैदान के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई छात्र और कुछ मीडिया कर्मियों के घायल होने की खबर सामने आई।

विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद आरजेडी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार पर छात्रों के साथ बर्बर व्यवहार का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है।

वहीं, सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की, जिसके कारण पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

NEET विवाद से गरमाई बिहार की राजनीति

NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बिहार में पहले से ही राजनीतिक माहौल गरम है। अब यह मुद्दा सड़कों से निकलकर विधानसभा तक पहुंच गया है। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।