रांची: झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताते हुए झारखंड सरकार से उनकी बात सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना छात्रों का अधिकार है और विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए।

'शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हिंसा के खिलाफ'

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि झारखंड के छात्रों के लिए उनका संदेश स्पष्ट है। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हिंसक कार्रवाई का वह विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए।

राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद झारखंड की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है। झारखंड में कांग्रेस, झामुमो, वाम दलों और राजद के गठबंधन की सरकार है। ऐसे में विपक्षी दल सरकार पर छात्रों के आंदोलन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

अमित शाह पर भी साधा निशाना

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमित शाह को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ कार्रवाई या लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया था।

उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री को इस तरह की कार्रवाई की जानकारी नहीं थी तो यह भी गंभीर सवाल है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की संसद में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए।

झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर छात्र झारखंड में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों ने कई बैरिकेड्स पार कर दिए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।

पुलिस कार्रवाई के बाद छात्र संगठनों ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज करने की बात कही है। वहीं, राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी बढ़ गई है।