जमशेदपुर: टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक बोनस को लेकर समझौता हुआ। समझौते के तहत टाटा स्टील के विभिन्न स्थानों के 25,603 पात्र कर्मचारियों के बीच कुल 315 करोड़ रुपये का वार्षिक बोनस वितरित किया जाएगा।

प्रदर्शन के आधार पर तय हुई बोनस राशि

बोनस समझौते के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में पिछले वर्षों से लागू वार्षिक बोनस योजना को जारी रखा गया है। बोनस की गणना भारत में टाटा स्टील के परिचालनों के शुद्ध लाभ, बिक्री योग्य स्टील की प्रति टन लाभप्रदता, उत्पादकता और सुरक्षा जैसे प्रदर्शन मानकों के आधार पर की गई।

इस गणना में टाटा स्टील मेरामंडली के लाभ को शामिल नहीं किया गया है।

कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, असाधारण मदों को समायोजित करने के बाद शुद्ध लाभ 11,035.24 करोड़ रुपये रहा। वहीं बिक्री योग्य स्टील का उत्पादन 1.611 करोड़ टन रहा और प्रति टन बिक्री योग्य स्टील पर लाभ 6,852 रुपये दर्ज किया गया।

कंपनी का क्रूड स्टील उत्पादन 1.726 करोड़ टन रहा, जबकि उत्पादकता 674.2 टन प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष दर्ज की गई। सुरक्षा के क्षेत्र में LTIFR 0.39 रहा।

इन प्रदर्शन मानकों के आधार पर बोनस की कुल राशि 314.53 करोड़ रुपये निर्धारित हुई, जिसे राउंड ऑफ कर 315 करोड़ रुपये किया गया। यह राशि कंपनी के विभिन्न स्थानों के पात्र कर्मचारियों के बीच वितरित की जाएगी।

जमशेदपुर के 11,021 कर्मचारियों को 163.85 करोड़ रुपये

जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब्स डिवीजन के करीब 11,021 कर्मचारियों के लिए कुल 163.85 करोड़ रुपये का बोनस निर्धारित किया गया है। दोनों इकाइयों के कर्मचारियों का औसत बोनस करीब 1,48,675 रुपये रहेगा।

समझौते के अनुसार वास्तविक उपस्थिति के आधार पर OS सीरीज में अधिकतम बोनस 4,52,512 रुपये तक और NS सीरीज में अधिकतम बोनस 1,28,448 रुपये तक रहेगा।

वहीं, पूर्ण उपस्थिति वाले NS सीरीज के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बोनस 39,016 रुपये निर्धारित किया गया है।

कर्मचारियों के बीच खुशी का माहौल

बोनस समझौता संपन्न होने के बाद अब वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन के आधार पर टाटा स्टील के पात्र कर्मचारियों के बीच वार्षिक बोनस राशि का वितरण किया जाएगा। जमशेदपुर के हजारों कर्मचारियों के लिए 163.85 करोड़ रुपये का बोनस समझौता अहम माना जा रहा है।