रांची सदर अस्पताल में वायरल बुखार-खांसी के मरीजों की भीड़, OPD में इलाज के लिए लंबी कतार
रांची: राजधानी रांची में मौसम के बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। शहर और आसपास के इलाकों में वायरल बुखार, खांसी, गले में संक्रमण और कमजोरी की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। इसका असर रांची के सदर अस्पताल की ओपीडी में भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज और डॉक्टर से परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह से ही सदर अस्पताल के ओपीडी परिसर में मरीजों की भीड़ जुट रही है। पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष और दवा वितरण केंद्र तक मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। अपनी बारी से डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों के बीच इंतजार और जल्द इलाज कराने की होड़ जैसी स्थिति बनी हुई है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई मरीज तेज बुखार, खांसी, गले में खराश या संक्रमण, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसी शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम के बीच अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या ने अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा दिया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों की भीड़ को व्यवस्थित करने और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीजों में बुखार, सूखी या बलगम वाली खांसी, गले में परेशानी और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हर बुखार या खांसी को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। खासकर यदि बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो या कमजोरी अधिक बढ़ जाए तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। चिकित्सकों ने लोगों को बिना सलाह के एंटीबायोटिक या तेज खुराक वाली दवाएं लेने से बचने की सलाह दी है। वायरल संक्रमण के कई मामलों में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। ऐसे में डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा लेना सुरक्षित माना जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों से मौसम के बदलाव के दौरान पर्याप्त आराम, साफ-सफाई और व्यक्तिगत सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं, लगातार या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक वायरल की चपेट में
मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रही बीमारी
बिना डॉक्टर की सलाह न लें एंटीबायोटिक















