नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की होगी समीक्षा, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज होगी अहम बैठक
रांची: झारखंड में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरकार ने एक बार फिर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 3 सितंबर को दोपहर 1 बजे होने वाली इस बैठक में राज्य में नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैठक में संबंधित विभागों और अधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने तथा अद्यतन प्रतिवेदन (Updated Report) के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। माना जा रहा है कि बैठक में पुलिसिंग, अभियोजन, फोरेंसिक, जेल व्यवस्था और तकनीकी ढांचे समेत नए कानूनों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव के हस्ताक्षर से बैठक को लेकर पत्र जारी किया गया है। यह पत्र राज्य के प्रधान सचिव, विधि विभाग, महाधिवक्ता, पुलिस महानिरीक्षक, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक अभियोजन, कारा महानिरीक्षक, निदेशक अभियोजन और निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है। इसके अलावा एनएचएम, स्वास्थ्य विभाग, राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी और रांची के क्षेत्रीय निदेशक, एनआईसी समेत संबंधित अधिकारियों को भी बैठक में आवश्यक जानकारी के साथ उपस्थित रहने को कहा गया है। सरकारी दस्तावेज के अनुसार, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और राज्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर 23 मार्च को केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें झारखंड के मुख्य सचिव और राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 7 अप्रैल 2026 को झारखंड सरकार को पत्र भेजा गया था। इस पत्र के जरिए 23 मार्च की बैठक में हुई चर्चा और उस पर झारखंड सरकार की ओर से की गई आवश्यक कार्रवाई का विवरण मांगा गया था। अब इसी क्रम में राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को अपनी अद्यतन स्थिति रिपोर्ट के साथ बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है। बैठक में नए आपराधिक कानूनों के तहत राज्य में अब तक किए गए प्रावधानों और उनके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। खास तौर पर पुलिस जांच, अभियोजन की तैयारी, फोरेंसिक सुविधाओं, जेल व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े समन्वय और तकनीकी बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों से जानकारी ली जा सकती है। अधिकारियों से यह भी पूछा जा सकता है कि केंद्र की पिछली बैठक में जिन बिंदुओं को उठाया गया था, उन पर राज्य सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है और कौन-कौन से काम अभी लंबित हैं। नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद केंद्र सरकार राज्यों में इनके क्रियान्वयन की प्रगति पर लगातार नजर रख रही है। ऐसे में झारखंड में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बुलाई गई यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक के जरिए यह आकलन किया जा सकता है कि राज्य में नए कानूनों के अनुरूप पुलिस, अभियोजन, फोरेंसिक और तकनीकी व्यवस्था कितनी तैयार हुई है। साथ ही जिन क्षेत्रों में अभी कमियां या चुनौतियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए आगे की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार की इस बैठक से यह संकेत मिल रहा है कि नए आपराधिक कानूनों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने और केंद्र को कार्रवाई की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है।कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया पत्र
23 मार्च की बैठक के बाद मांगी गई थी कार्रवाई रिपोर्ट
पुलिस से लेकर फोरेंसिक व्यवस्था तक होगी समीक्षा
केंद्र की निगरानी के बीच झारखंड में बढ़ी सक्रियता















